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कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी को।

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06 November 2026
Friday

The times that matter — New Delhiइस दिन का समय — New Delhi

06 Nov 2026
Pradosh kaal — the puja belongs hereप्रदोष काल — पूजा इसी में 17:29 – 18:17
From sunset, two ghati. This is the window the puja sits in.सूरज ढलने से दो घड़ी तक। इसी बीच पूजा की जाती है।
Sunrise — sunsetसूर्योदय — सूर्यास्त 06:39 – 17:29
Abhijit muhuratअभिजित मुहूर्त 11:42 – 12:26
The day’s own good hour, whatever the festival.दिन का अपना शुभ समय, त्योहार कोई भी हो।
Rahu kaal — usually avoidedराहु काल — इससे बचा जाता है 10:43 – 12:04

What this day isयह दिन क्या है

दिवाली से दो दिन पहले का दिन, धन्वंतरि जी का। बर्तन या धातु ख़रीदने की परंपरा इसी दिन की है।

What people doइस दिन क्या किया जाता है

शाम को दीया जलाया जाता है, धन्वंतरि और कुबेर की पूजा होती है, और लोग कुछ धातु का सामान घर लाते हैं।

Vidhi, step by stepपूजा विधि — क्रम से

  1. शाम को मुख्य दरवाज़े पर और तुलसी के पास दीया जलाइए।
  2. प्रदोष काल में धन्वंतरि जी और कुबेर जी की पूजा कीजिए।
  3. जो धातु का सामान लाए हैं उसे पूजा में रखकर रोली-चावल लगाइए।
  4. रात को घर के बाहर दक्षिण की ओर मुँह करके एक दीया रखिए — यम-दीया।
Samagri — what to gather beforehandसामग्री — पहले से जुटा लीजिए
दीये और सरसों का तेल, रोली, चावल, फूल, मिठाई, धातु का कोई नया सामान या झाड़ू।

Where people get stuckयहाँ लोग अटकते हैं

क्या ख़रीदना ज़रूरी है?
नहीं। परंपरा धातु की कोई चीज़ घर लाने की है — बर्तन, चम्मच, झाड़ू, कुछ भी। सोना ही लेना है, ऐसा कहीं नहीं लिखा। न हो सके तो सिर्फ़ दीया जलाना भी पूरा है।
यम-दीया कब और कहाँ?
शाम को, घर के बाहर, दक्षिण की ओर मुँह करके। साल में सिर्फ़ इसी दिन रखा जाता है।
Why this dateयह तारीख़ क्यों
यह भी शाम के प्रदोष काल से तय होता है।
Dates by yearसाल के हिसाब से तारीख़
2026
06 Nov 2026 · Fri
2027
27 Oct 2027 · Wed
The date here is computed, not copied from an almanac. What it does not give you is a muhurat — the right hour for your own puja, which depends on your chart as well as the day. For that, speak to a Pandit ji. यह तारीख़ गिनकर निकाली गई है, किसी कैलेंडर से उतारी नहीं गई। पर यहाँ मुहूर्त नहीं मिलेगा — आपकी अपनी पूजा का सही समय दिन के साथ-साथ आपकी कुंडली पर भी निर्भर करता है। उसके लिए पंडित जी से बात कीजिए