योगिनियाँ शाक्त-तंत्र परंपरा की देवियाँ हैं, जिन्हें प्रायः देवी की सहचरी या उनकी शक्तियों का विस्तार कहा जाता है।
इनका सबसे ठोस प्रमाण कल्पना में नहीं, पत्थर में है — भारत में आज भी खड़े गोल आकार के योगिनी मंदिर।
जहाँ शास्त्रीय प्रमाण उपलब्ध नहीं होता, हम उसे लोकमान्यता कहकर लिखते हैं — और जहाँ ग्रंथों में मतभेद है, वह भी बता देते हैं।