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Full Panchangपूरा पंचांग

मंगल दोष क्या है — और यह कब कट जाता है

What is Mangal Dosh, and when it is cancelled

मंगल दोष लग्न, चंद्र और शुक्र — तीनों से देखा जाता है, सिर्फ़ लग्न से नहीं। कौन-से भाव, कितनी तीव्रता, और वे स्थितियाँ जिनमें शास्त्र स्वयं इसे शमित मानते हैं।Mangal Dosh is read from the Lagna, the Moon AND Venus — not the Lagna alone. Which houses, how severe, and when the classics themselves treat it as cancelled.

जिस बात से सबसे ज़्यादा घर परेशान होते हैं, वह यह है कि किसी ने कह दिया "लड़की मांगलिक है"। और अक्सर वह बात एक ही चीज़ देखकर कही गई होती है — लग्न से मंगल का भाव। शास्त्र इतने से नहीं रुकते।

मंगल दोष बनता कैसे है

मंगल जिन भावों में बैठकर यह दोष बनाता है, वे पाँच हैं — पहला, चौथा, सातवाँ, आठवाँ और बारहवाँ

पर भाव किससे गिना जाए, यही असली प्रश्न है। परंपरा तीन जगह से गिनने को कहती है:

  • लग्न से — जातक का शरीर और स्वभाव
  • चंद्र से — मन, और वैवाहिक जीवन में मन ही सबसे पहले टकराता है
  • शुक्र से — शुक्र ही विवाह और दांपत्य का कारक है

तीनों में से मंगल कितनी जगह उन पाँच भावों में पड़ रहा है, उसी से तीव्रता तय होती है:

  1. किसी एक से — आंशिक मांगलिक
  2. दो से — मांगलिक
  3. तीनों से — उच्च मांगलिक
यही वह जगह है जहाँ आधी गलतफ़हमियाँ पैदा होती हैं। सिर्फ़ लग्न से देखने पर एक आंशिक मांगलिक कुंडली भी "मांगलिक" कह दी जाती है, और परिवार बिना ज़रूरत के रिश्ता तोड़ देते हैं।

कब यह दोष शमित माना जाता है

मंगल हर स्थिति में एक-सा फल नहीं देता। शास्त्र स्वयं कुछ स्थितियों में इसे हल्का मानते हैं:

  • मंगल अपनी ही राशि में हो — मेष या वृश्चिक। अपने घर में बैठा ग्रह उपद्रव नहीं करता।
  • मंगल उच्च का हो — मकर राशि में। यहाँ मंगल अपने सर्वोत्तम बल में है।

इनके अलावा गुरु की दृष्टि, दोनों कुंडलियों में दोष का होना, और आयु का विचार — ये सब पारंपरिक परिहार हैं, जिन्हें पंडित जी दोनों कुंडली सामने रखकर तौलते हैं।

विवाह से पहले असल में क्या देखा जाता है

एक बात साफ़ रहे: मांगलिक होना अपने आप में कोई निर्णय नहीं है। यह एक स्थिति है, जिसे बाकी कुंडली के साथ तौला जाता है — मंगल का बल, गुरु की दृष्टि, दूसरी कुंडली में वही दोष, और चल रही दशा।

जो लोग सिर्फ़ "मांगलिक है या नहीं" पूछकर रिश्ता तय या रद्द कर देते हैं, वे उस प्रश्न का आधा उत्तर लेकर लौटते हैं।

अपनी कुंडली में कैसे देखें

इस पृष्ठ पर दोनों कुंडली डालिए। मिलान में मंगल दोष तीनों — लग्न, चंद्र और शुक्र — से जाँचा जाता है, तीव्रता बताई जाती है, और यदि मंगल अपनी राशि या उच्च का है तो वह भी लिखकर आता है। साथ में 36 गुण का पूरा मिलान भी।

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अपनी कुंडली से जाँचिएCheck it on your own chart

यह लेख सामान्य नियम बताता है। आपकी अपनी कुंडली क्या कहती है, वह यहाँ नि:शुल्क देखिए।This article gives the general rule. What your own chart says is free to check here.

दोनों कुंडली मिलाकर देखिएMatch both charts
यह लेख सामान्य शास्त्रीय नियम बताता है। किसी एक कुंडली में वह नियम कितना लागू होता है — यह ग्रह के बल और चल रही दशा पर निर्भर करता है, और वह विचार पंडित जी का कार्य है। परामर्श बुक कीजिएThis article states the general rule. How far it applies to one chart depends on that graha's strength and the dasha running, and weighing that is a Pandit ji's work. Book a consultation.