हर नक्षत्र के चार चरण, और हर चरण का अपना अक्षर। बच्चे का नामकरण अक्षर जन्म के समय चंद्र जिस चरण में था, उसी से आता है।Each nakshatra has four padas and each pada its own syllable. The naming letter comes from the pada the Moon was in at birth.
घर में बच्चा होने पर सबसे पहले जो पूछा जाता है — "अक्षर क्या निकला?" यह अक्षर मनमाना नहीं होता, और न ही जन्म तारीख़ से आता है।
आकाश को 27 नक्षत्रों में बाँटा गया है। हर नक्षत्र के चार चरण होते हैं। यानी कुल 108 चरण — और हर चरण का अपना एक निश्चित अक्षर परंपरा में तय है।
जन्म के समय चंद्रमा जिस नक्षत्र के जिस चरण में था, उसी चरण का अक्षर बच्चे का नामकरण अक्षर होता है।
इसीलिए दो बातें ज़रूरी हैं:
बहुत लोग राशि के अक्षर से नाम रख लेते हैं। जैसे मेष राशि के लिए चू, चे, चो, ला। यह ग़लत नहीं है — राशि के अक्षर उन्हीं चरणों से बने हैं जो उस राशि में पड़ते हैं।
पर नक्षत्र-चरण का अक्षर ज़्यादा सूक्ष्म है, क्योंकि वह चारों में से आपका वाला चरण बताता है, पूरी राशि नहीं।
परंपरा में दो नाम होते हैं — नामकरण संस्कार का नाम, जो नक्षत्र अक्षर से रखा जाता है, और पुकारने का नाम, जो घर वाले चुनते हैं।
आज ज़्यादातर घरों में एक ही नाम चलता है, इसलिए लोग चाहते हैं कि वही अक्षर से हो। यह पूरी तरह आपकी इच्छा पर है — शास्त्र में विवश करने वाला कोई नियम यहाँ नहीं है।
बच्चे की जन्म तिथि, सही समय और स्थान डालकर कुंडली बनाइए। परिणाम में अवकहड़ा चक्र वाले भाग में नक्षत्र, उसका चरण और नाम अक्षर — तीनों एक साथ मिलेंगे। साथ ही गण, नाड़ी, योनि और राशि स्वामी भी, जो आगे मिलान में काम आते हैं।
यह लेख सामान्य नियम बताता है। आपकी अपनी कुंडली क्या कहती है, वह यहाँ नि:शुल्क देखिए।This article gives the general rule. What your own chart says is free to check here.
नाम अक्षर देखिएFind the naam akshar