साढ़े साती जन्म राशि से गिनी जाती है, जन्म तारीख़ से नहीं। तीन ढाई-ढाई साल के चरण, उनका अलग-अलग स्वभाव, और ढैया से इसका फ़र्क़।Sade Sati is counted from the Moon rashi, not the birth date. Three phases of two and a half years each, and how Dhaiya differs.
साढ़े साती का नाम सुनते ही लोग डर जाते हैं, और ज़्यादातर को यह भी ठीक से पता नहीं होता कि यह उन पर चल भी रही है या नहीं। पहले गणना समझ लीजिए — डर अपने आप आधा हो जाएगा।
जन्म राशि से, यानी चंद्र राशि से। जन्म तारीख़ से नहीं, सूर्य राशि से नहीं।
जब गोचर का शनि आपकी जन्म राशि से बारहवीं राशि में पहुँचता है, साढ़े साती शुरू होती है। शनि एक राशि में लगभग ढाई साल रहता है, और उसे तीन राशियाँ पार करनी हैं — बारहवीं, आपकी अपनी, और दूसरी। इसीलिए साढ़े सात साल।
तीनों ढाई-ढाई साल एक जैसे नहीं होते:
जब शनि जन्म राशि से चौथे या आठवें भाव में होता है, वह ढैया कहलाती है — ढाई साल की। यह साढ़े साती से छोटी है और अलग है, पर लोग अक्सर दोनों को एक ही मान लेते हैं और बिना ज़रूरत घबरा जाते हैं।
शनि दंड का ग्रह कम, कर्म के हिसाब का ग्रह ज़्यादा है। वह वहीं कसता है जहाँ ढील रह गई हो — काम में, वचन में, या ज़िम्मेदारी में। इसीलिए शास्त्र इस काल में परिश्रम, संयम, बड़ों की सेवा और दान कहते हैं, न कि भय।
और यह भी सच है कि बहुत लोगों का सबसे स्थिर काम इसी काल में खड़ा हुआ है।
अपनी जन्म तिथि, समय और स्थान डालकर कुंडली बनाइए। परिणाम में "अन्य दोष" वाले भाग में साढ़े साती या ढैया — जो भी चल रही हो — आज की स्थिति के साथ दिखेगी: शनि किस राशि में है, आपके चंद्र से कौन-सा भाव, और कौन-सा चरण।
यह लेख सामान्य नियम बताता है। आपकी अपनी कुंडली क्या कहती है, वह यहाँ नि:शुल्क देखिए।This article gives the general rule. What your own chart says is free to check here.
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