संक्षेप में उत्तर
108 के पीछे जो सबसे ठोस बात है, वह गणित है — 27 नक्षत्र × 4 चरण = 108।
यही 108 चरण किसी भी कुंडली की गणना का आधार हैं। बाक़ी कारण परंपरा में बताए जाते हैं, पर उनका आधार गणना नहीं, मान्यता है।
क्या प्रमाणित है
27 × 4 = 108 और 12 × 9 = 108 — यह अंकगणित है, इसे कोई भी जाँच सकता है। और यह कि 27 नक्षत्र × 4 चरण वाला विभाजन ज्योतिष की वास्तविक गणना है, जिस पर दशा और नाम अक्षर निकलते हैं।
क्या लोकमान्यता है
यह कि माला में 108 दाने इसी कारण से हैं, और यह कि 108 बार जप करने से ही फल मिलता है, कम से नहीं — ये परंपरागत मान्यताएँ हैं। इनके लिए हमें कोई निश्चित ग्रंथ-संदर्भ नहीं मिला।
जहाँ शास्त्रीय प्रमाण उपलब्ध नहीं होता, हम उसे लोकमान्यता कहकर लिखते हैं —
और जहाँ ग्रंथों में मतभेद है, वह भी बता देते हैं।