बीज मंत्र वे एकाक्षर या दो-अक्षर वाले मंत्र हैं जिनका अर्थ शब्दकोश से नहीं निकलता — जैसे ह्रीं, क्लीं, ऐं, श्रीं।
परंपरा में इन्हें किसी देवता या शक्ति का ध्वनि-रूप माना जाता है, इसीलिए "बीज" — जिससे पूरा मंत्र उगता है।
जहाँ शास्त्रीय प्रमाण उपलब्ध नहीं होता, हम उसे लोकमान्यता कहकर लिखते हैं — और जहाँ ग्रंथों में मतभेद है, वह भी बता देते हैं।