संक्षेप में उत्तर
नहीं। "मांगलिक हैं" एक हाँ/ना का उत्तर नहीं है — मंगल किस भाव में है, किस राशि में है, और सामने वाली कुंडली क्या कहती है, इन सब से बात बदल जाती है।
परंपरा में परिहार के अनेक नियम हैं, और वे प्रायः बताए ही नहीं जाते।
क्या प्रमाणित है
यह कि मंगल दोष के विचार में भाव, राशि और परिहार के नियम शामिल हैं, और यह कि भाव-गणना का आधार (लग्न, चंद्र या शुक्र) परंपरा के अनुसार बदलता है — इसीलिए एक ही कुंडली पर उत्तर अलग-अलग आ सकते हैं।
क्या लोकमान्यता है
यह कि मांगलिक होना अपने आप में विवाह के लिए बाधा है, या कि इसका कोई एक निश्चित उपाय है — ये धारणाएँ हैं। परंपरा स्वयं इस पर एकमत नहीं है।
जहाँ शास्त्रीय प्रमाण उपलब्ध नहीं होता, हम उसे लोकमान्यता कहकर लिखते हैं —
और जहाँ ग्रंथों में मतभेद है, वह भी बता देते हैं।